ग्राफ़िक डिजाइनिंग क्या है ? कैसे घर बैठे कमा सकते है ग्राफिक डिज़ाइनर ? (WHAT IS GRAPHIC DESIGNING ? HOW CAN A GRAPHIC DESIGNER EARN AT HOME ?
ग्राफ़िक डिजाइनिंग क्या है? ( WHAT IS GRAPHIC DESIGNING? )
ग्राफिक डिजाइन एक महत्वपूर्ण कार्य है जो यह बताता है कि आप अन्य लोगों के साथ कैसे संवाद करते हैं। यह आपके विचारों को एक तरह से व्यक्त करने का काम करता है वो भी अपनी डिज़ाइन के द्वारा जो देखने में सुन्दर हो और प्रभावी हो ,प्रभावी से तात्पर्य है की डिज़ाइन की देखते ही आप समझ जाते हो की डिज़ाइन किसके लिए है
और व्यक्ति क्या कहना चाहता है डिज़ाइन के माध्यम से।
ग्राफ़िक डिजाइनिंग की कला या पेशा, जो चित्रों, शब्दों और विचारों को जोड़कर एक दर्शक को जानकारी देने का कार्य करते है | प्रत्येक प्रोजेक्ट जिस पर एक ग्राफिक डिजाइनर काम करता है, उसके पास एक अनूठा संदेश होगा और उस संदेश से वांछित परिणाम होगा। संदेश सूचना प्रदान करने, विचार करने, उत्पाद बेचने या सार्थक बातचीत को प्रोत्साहित करने के लिए हो सकता है।
ग्राफ़िक डिजाइनिंग का ईतिहास (HISTORY OF GRAPHIC DESIGNING)
15,000 ईसा पूर्व के आसपास बनाई हुई गुफा चित्रों में ग्राफिक डिजाइन के शुरुआती रूप पाए गए थे। ये पेंटिंग कहानियों को बताने, घटनाओं के रिकॉर्ड रखने और जानकारी प्रदान करने के लिए बनाई गई थीं। गुफा चित्र मूल रेखा के आंकड़ों के रूप में शुरू हुए, लेकिन जैसे-जैसे वर्ष आगे बढ़े, विस्तृत कलाकृति का विस्तार हुआ। दुनिया के कुछ हिस्सों में कई मूल गुफा पेंटिंग अभी भी दिखाई देती हैं। गुफा पेंटिंग उपयोगी थी, लेकिन उनके पास उस जानकारी को अन्य स्थानों पर ले जाने के लिए एक रास्ता नहीं था। यह 105 ईस्वी में हल किया गया था जब Ts’ Ai Lun ने कागज का आविष्कार किया था। इससे लिखित दस्तावेज और विभिन्न प्रकार की कलाकृति का परिवहन करना आसान हो गया था, जो कभी भी था। इसने स्याही, कलर और अन्य उपकरणों के प्रकारों में और ज्यादा विविधताएँ जोड़ीं जिनका उपयोग कलाकृति बनाने के लिए किया जा सकता है। अंत में, 1450 में जोहान्स गुटेनबर्ग द्वारा मूवेबल टाइप के निर्माण के साथ, हमारे पास आधुनिक ग्राफिक डिजाइन के लिए आवश्यक सभी प्रमुख घटक थे।
विलियम एडिसन ड्वागिन्स ने आधुनिक ग्राफिक डिजाइन का बीड़ा उठाया। वह 1920 में एक टाइपफेस डिज़ाइनर थे। उनके सबसे प्रसिद्ध फोंट में शामिल हैं: कारवां मेट्रो, इलेक्ट्रा, एल्डोरैडो, कैलेडोनिया, और फाल्कन। 1956 में अपनी मृत्यु तक डेजिगिन्स ने डिज़ाइन समुदाय में निर्माण और नवाचार जारी रखा। ड्वागिन्स की मृत्यु के एक दशक से भी कम समय बाद, डगलस एंगेलबर्ट ने माउस का आविष्कार किया। एक सटीक पॉइंटिंग डिवाइस के इस आविष्कार ने इस पीढ़ी के डिजाइन टूल्स में सबसे बड़ी नवीनता क्या होगी |
ग्राफ़िक डिज़ाइनर के कार्य (GRAPHIC DESIGNER'S TASKS)
हर ग्राफिक डिजाइनर एक प्रॉब्लम सॉल्वर और कम्युनिकेटर है। और एक ग्राफ़िक डिज़ाइनर के बहुत सारे टास्क होते है |जो टास्क डिज़ाइनर के द्वारा किये जाते है वो निम्नलिखित है |
● लोगो डिज़ाइन
● बिज़नेस कार्ड डिज़ाइन
● फ्लायर डिज़ाइन
● ब्रोचर डिज़ाइन
● पोस्टर डिज़ाइन
● लेटरहेड डिज़ाइन
● एनवेलप डिज़ाइन
●सोशल मीडिया पोस्ट डिज़ाइन
● वेबसाइट लेआउट्स डिज़ाइन
● फेस्टिवल पोस्ट डिज़ाइन
● ID कार्ड डिज़ाइन
●आइकॉन डिज़ाइन
●बुक कवर डिज़ाइन
● विज्ञापन डिज़ाइन
ऊपर बताये गए टास्क एक ग्राफ़िक डिज़ाइनर के द्वारा किये जाते है | एक ग्राफ़िक डिज़ाइनर किसी भी कंपनी में ये टास्क करता है वो कंपनी पर भी निर्भर करता है वो ग्राफ़िक डिजाइनिंग में क्या डिज़ाइन करवाती है क्युकी हर कंपनी का कार्य अलग होता है जैसे- कुछ कम्पनिया सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट ही डिज़ाइन करती जिसमे वो फेस्टिवल पोस्ट(Diwali , Holi , Navratri etc. ) ,नेशनल डेज पोस्ट (National Voters Day, Doctors day and Ghandhi Jaynti etc.) और पोलिटिकल पोस्ट एवं अपने CLIENTS के लिए सोशल मीडिया पोस्ट जिसमे वो इंस्टाग्राम और फेसबुक की पोस्ट डिज़ाइन करते है |
इसलिए जरुरी नही की सभी कम्पनीया एक तरह का ही कार्य करती है | ग्राफ़िक डिज़ाइन एक ऐसा क्षेत्र है जहा पर बहुत तरह से कार्य किये जाते है जरुरी नहीं की जो ग्राफ़िक डिज़ाइनर है वो सिर्फ डिजाइनिंग कंपनी में रहकर ही करता है | बहुत सारे डिज़ाइनर फ्रीलांसिंग भी करते है जिसमे वो घर बैठे काम करते है और पैसे कमाते है | और कुछ डिज़ाइनर जॉब भी करते है और फ्रीलांसिंग भी करते है |
ग्राफ़िक डिज़ाइनिंग के सॉफ्टवेयर या टूल्स (GRAPHIC DESIGNING SOFTWARE AND TOOLS)
Adobe Illustrator
Adobe Photoshop
CorelDRAW
Adobe Indesign
ग्राफ़िक डिज़ाइनिंग में कैसे शुरुआत करे और करियर बनाये (HOW TO GET STARTED AND MAKE A CAREER IN GRAPHIC DESIGNING)
● इस क्षेत्र में काम करने के लिए जरुरी है कि आपने स्कूल शिक्षा पूरी कर ली हो आप 12th क्लास तक तो पढ़े हो
या आपने GRADUATION तो कर ली हो फिर आपको निम्न कौशल होने चाहिए
1.टाइपोग्राफी (Typography )
2.ब्रांडिंग (Branding)
3.रचनात्मकता (Creativity)
4.संचार (Communication)
5.समस्या को सुलझाना (Problem Solving)
6.स्केच (Sketching)
● इस क्षेत्र में सिखने के लिए आपको प्रेक्टिस पर ज्यादा ध्यान लगाना होगा क्युकी ग्राफ़िक डिजाइनिंग सिखने के लिए सबसे जरुरी है Adobe Illustrator और Adobe Photoshop इन पर प्रेक्टिस करना बहुत जरुरी है क्युकी इन दोनों सॉफ्टवेयर के साथ आप ग्राफ़िक्स का लगभग कार्य कर सकते है |
● ग्राफ़िक्स में प्रेक्टिस करने के साथ खुद डिज़ाइन बनानी चाहिए और लोगो डिजाइनिंग(Logo Designing) के टास्क करना चाहिए और सबसे पहले Adobe Illustrator पर प्रेक्टिस करके शुरुआत करनी चाहिए फिर Adobe photoshop पर प्रेक्टिस शुरू करनी चाहिए ,ग्राफ़िक डिज़ाइनर के लिए ये दो सॉफ्टवेयर ही सबसे ज्यादा प्रचलित है ,अगर आपने से दो सॉफ्टवेयर सिख लिए तो फिर किसी और सॉफ्टवेयर में आपको उतनी दिक्क्त नहीं आती है |
● किसी भी डिज़ाइनर के काम का पता उसका पोर्टफोलियो देख के ही लगता है जब आप खुद से डिज़ाइन बनाने लग जाये तब आपको अपनी वो डिज़ाइन जो अच्छी है उसको अपने पोर्टफोलियो में डालना चाहिए | क्युकी जब आप ग्राफ़िक में इंटरव्यू देते है तो सबसे पहले आपका पोर्टफोलियो ही माँगा जाता है और वो आपका काम ही देखते है एक अच्छा पोर्टफोलियो आपको दिलाने में मदद करता है |
● आप अपना पोर्टफोलियो Behaceऔर Dribbble पर बना सकते है और भी बहुत वेबसाइट है पोर्टफोलियो के लिए पर ये दोनों वेबसाइट पर ही ज्यादातर डिज़ाइनर अपना पोर्टफोलियो बनाना पसंद करते है |
● पोर्टफोलियो में आप अपने बनाये हुए लोगो डिज़ाइन , सोशल मीडिया पोस्ट , बिज़नेस कार्ड वेबसाइट के लेआउट्स आदि डाल सकते है |
ग्राफ़िक डिज़ाइनिंग में कैसे कमा सकते है (GRAPHIC DESIGNING SOFTWARE AND TOOLS)
● ग्राफ़िक्स डिजाइनिंग करने के बाद जॉब करना एक फ्रेशर के लिए बहुत सही रहता है | क्युकी जॉब करने से ही पता चलता है की एक कंपनी में काम कैसे किया जाता है |और फ्रेशर के लिए सिखने को बहुत कुछ होता है | वही पर पता चलता है की किसी कार्य को किस तरह समय पर पूर्ण किया जाता है
● डिजाइनिंग करने के बाद और लोग खुद की डिज़ाइन एजेंसी भी ओपन करते है | परन्तु ज्यादातर डिज़ाइनर पहले जॉब करते है और जॉब में रहते 8-9 साल का experience प्राप्त करने के बाद ही वो खुद की डिज़ाइन एजेंसी ओपन करते है | क्युकी इतना experience प्राप्त करने के साथ वो अपनी एजेंसी के लिए क्लाइंट्स भी बना लेते है , और इतने साल जॉब करने की वजह से उनका पोर्टफोलियो भी अच्छा होता तो उनको नए क्लाइंट भी आसानी से मिल जाते है , और ये जॉब वाला experience इनके बहुत काम आता है उन्हें पता होता है की किसी काम को किस तरह किया जाता है और क्लाइंट को कैसे हैंडल करना है उन्हें पता होता है |
● ग्राफ़िक डिज़ाइन में बहुत से लोग घर से काम करना पसंद करते है ,और डिज़ाइनर घर से काम भी करते है और घर बैठे कमाते है एक फ्रेशर डिज़ाइनर के लिए फ्रीलांसिंग करना कठिन होता है , क्युकी फ्रेशर के लिए ये सब नया होता लेकिन अगर आपके पास क्लाइंट्स है और अच्छे प्रोजेक्ट्स है , और आपका पोर्टफोलियो क्लाइंट्स को अच्छा लगता है तो काम तो आसानी से मिल जाता है और आप घर बैठे ही पैसे कमा सकते है
ग्राफ़िक डिजाइनिंग के सम्बन्ध और कोई प्रश्न है तो कमेंट सेक्शन में स्वतंत्र रूप से जरूर बताये

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